इनोवेटिव सर्जरी से मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज ने 65 वर्षीय महिला मरीज

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को दिया नया जीवन मेरठ, 15 मई 2024 मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटपड़गंज (नई दिल्ली) के डॉक्टरों ने मेरठ की 65 वर्षीय मरीज का सफल इलाज किया है. ये महिला मरीज गंभीर कमर दर्द से जूझ रही थी, यहां तक कि बिना मदद के चल पाना भी मुश्किल

 

हो गया था. न्यूरो नेविगेशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल उनकी सफत सर्जरी की गई.

 

मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में न्यूरो व स्पाइनल सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर अमिताभ गोयत्त ने इस केस की सफलता के बारे में लोगों को जानकारी दी. इस दौरान उनके साथ बाला जैन भी मौजूद रहीं, जिनका जीवन आसान हुआ है.

 

मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में न्यूरो व स्पाइनल सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर अमिताभ गोयल ने बताया, “जब मरीज को हमारे पास लाया गया तब उनके लोअर लिम्ब और कमर में काफी दर्द था जिसके कारण उनका मूवमेंट भी मुश्किल हो रहा था. एमआरआई और एक्स-रे के जरिए उनकी गहन जांच पड़ताल की गई, जिसमें पता चला कि मरीज की कमर के निचले हिस्से में नसें दब गई हैं, जिससे उन्हें दर्द हो रहा था और वो रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पा रही थीं तुरंत मरीज की डिकंप्रेशन और फ्यूजन सर्जरी की गई. हालांकि, प्रक्रिया के दौरान पीठ के निचले हिस्से में पेडिकत स्कू लगाने से सी-आर्म के माध्यम से रेडिएशन का खतरा रहता है. लेकिन न्यूरो-नेविगेशन की लेटेस्ट तकनीक के साथ स्कू प्लेसमेंट पूरी सटीकता से होता है. सर्जरी सफलतापूर्वक कम वक्त में पूरी कर ली गई और मरीज ने सर्जरी के बाद एबिना किसी परेशानी के जल्दी से रिकवर भी कर लिया.”

 

बाला जैन ने सर्जरी के बाद बहुत तेजी से रिकवरी की और वो 24 घंटे के अंदर ही चल पाने में सक्षम थीं. धीरे-धीरे वो रुटीन गतिविधियों में भी एक्टिव होने लगीं, आगे की तरफ झुकने लगीं, जिससे पता चला कि सर्जरी का प्रभाव सकारात्मक रहा. एक्स-रे के जरिए फॉलो-अप टेस्ट किए गए, जिसमें शानदार रिजल्ट नजर आए और मजबूत स्कू प्लेसमेंट के संकेत मिले आगे चलकर वो उनका पैर पूरी तरह दर्द मुक्त हो गया और अब वो खुद से ही अपने कामों में एक्टिव हो गईं

 

डॉक्टर गोयल ने आगे कहा, “यह प्रक्रिया विभिन्न प्रकार की रीढ़ की हड्डी की बीमारियों वाले लोगों के लिए सुरक्षित सर्जरी में से एक है, चाहे वह किसी भी आयु वर्ग के हो. टेक्नोलॉजी और साइंस में प्रगति के साथ, हाल के दिनों में रोगियों के लिए इस प्रकार की प्रक्रियाएं ज्यादा सुरक्षित और तेज होती हैं. इनमें दर्द भी कम रहता है.

 

न्यूरोसाइंसेज के क्षेत्र में हो रही प्रगति, विभित्र सर्जिकल प्रक्रियाओं ने रीढ़ की मुश्किल बीमारियों के लिए भी इलाज के तौर- तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है. मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज में रीढ़ की समस्याओं से पीड़ित रोगियों को दशकों से इलाज दिया जा रहा है यहां सीनियर डॉक्टर्स की टीम, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा है, और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

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