श्री मद्भागवत महिमा

0
Spread the love

स्वयं श्री भगवान के श्रीमुख से ब्रह्मा जी के प्रति कथित

 

• लोक-विख्यात श्रीम‌द्भागवत नामक पुराण का प्रतिदिन श्रद्धायुक्त होकर श्रवण करना चाहिये। यही मेरे संतोष का कारण है।

 

• जो मनुष्य प्रतिदिन भागवत पुराण का पाठ करता है, उसे एक-एक अक्षर के उच्चारण के साथ कपिला गौ दान देने का पुण्य प्राप्त होता है।

 

• जो प्रतिदिन भागवत के आधे श्लोक या चौथाई श्लोक का पाठ अथवा श्रवण करता है, उसे एक हजार गौ-दान का फल मिलता है। • पुत्र ! जो प्रतिदिन पवित्रचित्त होकर भागवत के एक श्लोक का पाठ करता है,

 

वह मनुष्य अठारह पुराणों के पाठ का फल पा लेता है।

 

• जो लोग विष्णु-भक्त पुरुष को भक्तिपूर्वक भागवत-शास्त्र समर्पण करते हैं, वे हजारों करोड़ों कल्पों तक (अनन्त काल तक) मेरे बैकुण्ठ धाम में वास करते हैं।

 

• कलियुग में जहाँ-जहाँ पवित्र भागवत-शास्त्र रहता है, वहाँ-वहाँ सदा ही मैं देवताओं के साथ उपस्थित रहता हूँ।

 

• यही नहीं-वहाँ नदी, नद और सरोवर-रूप में प्रसिद्ध सभी तीर्थ वास करते हैं, सम्पूर्ण यज्ञ, सात पुरियाँ और सभी पावन पर्वत वहाँ नित्य वास करते हैं।

 

• लोकेश ! यश, धर्म और विजय के लिये तथा पाप-क्षय एवं मोक्ष की प्राप्ति के लिये धर्मात्मा मनुष्य को सदा ही मेरे भागवत-शास्त्र का श्रवण करना चाहिये।

 

• जो मेरी कथा कहता है, जो सदा उसे सुनने में लगा रहता है तथा जो मेरी कथा से मन ही मन प्रसन्न होता है, उस मनुष्य का मैं कभी त्याग नहीं करता।

 

• जो मानव खड़ा होकर श्रीमद्भागवत शास्त्र को प्रणाम करता है, उसे मैं धन, स्त्री, पुत्र और अपनी भक्ति प्रदान करता हूँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed