मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वैशाली ने बताई कैंसर मरीजों के इलाज की सफलता की कहानी, मेरठ में आयोजित किया जागरूकता सत्र

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मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वैशाली ने बताई कैंसर मरीजों के इलाज की सफलता की कहानी, मेरठ में आयोजित किया जागरूकता सत्र

 

मेरठ: कैंसर के इलाज में हुई हुई तरक्की और इससे आ रहे बेहतर रिजल्ट के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली के डॉक्टरों ने आज शहर में एक जन-जागरूकता सत्र आयोजित किया. इस सत्र को मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली में धारेसिक ऑन्को सर्जरी के कंसल्टेंट डॉक्टर भूषण दिनकर थोंबारे ने संबोधित किया. उन्होंने मेरठ की 30 वर्षीय मरीज कोमल और 60 वर्षीय मरीज मोहम्मद नवी के इलाज के बारे में बताया, इन दोनों मरीजों का सफल इलाज किया गया और ये अच्छा जीवन गुजार रहे हैं.

 

इलाज के विकल्पों के बारे में मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली में थोरेसिक ऑन्को सर्जरी के कंसल्टेंट डॉक्टर क्टर भूषण दिनकर थोंबारे ने बताया, “30 ० वर्षीय महिला को बार-बार चेस्ट इंफेक्शन हो रहा था और उन्हें खांसी के साथ खून आ रहा था. महिला ने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन जब मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली में आने पर उनका सीटी स्कैन किया गया को उनके दाहिने फेफड़े में ट्यूमर का पता चला. हमने ब्रोन्कोस्कोपी बायोप्सी की, बायोप्सी रिपोर्ट में कार्सिनॉइड कैंसर की धीरे-धीर ग्रोथ का पता चला और डोटानॉक स्कैन से सिंगल ट्यूमर की पुष्टि हुई. सिंगल-होल कीहोल सर्जरी की सटीकता का लाभ उठाते हुए, हमने फेफड़े के प्रभावित हिस्से को सफलतापूर्वक फलतापूर्वक हटा दिया. इसके बाद कोमल की अच्छी रिकवरी हुई सर्जरी के करीब दो साल बाद आज कोमल बेहतर जीवन गुजार रही हैं.”

 

सफल इलाज की एक और सक्सेस स्टोरी 60 वर्षीय मोहम्मद नवी की है. मोहम्मद नवी को वजन घटने, भूख कम लगने और खाने में परेशानी की दिक्कत थी. इनकी अपर जीआई एंडोस्कोपी की गई है जिसमें पता चला कि उनके फूड पाइप में कैंसर है. मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर की एक्सपर्ट मेडिकल टीम ने दो महीने तक नवी की कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी की. इसके बाद जब स्कैनिंग की गई तो ट्यूमर के साइज में कमी नजर आई. इसके बाद एक्सपर्ट डॉक्टरों की एक टीम ने फूड पाइप के प्रभावित हिस्से से ट्यूमर हटाने के लिए कीहोल सर्जरी की सर्जरी के बाद नवी की रिकवरी बेहतर हुई और इलाज पूरा करने के डेढ़ साल बाद उनकी किसी जांच में भी कैंसर के संकेत नहीं मिलते हैं.

 

डॉक्टर भूषण ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर वैशाली में हम बीमारी के इलाज से कहीं आगे जाकर मरीज की केयर करते हैं, हम मरीज को उम्मीद देते हैं, भरोसा देते हैं. रोग का पता लगाने के 5 लिए तकनीक में जो एडवांसमेंट हुए हैं, उससे बेहतर रिजल्ट लाने में मदद मिली है. कोमल और मोहम्मद नवी का सफल इलाज मरीजों के। प्रति हमारी टीम के समर्पण और बेस्ट केयर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. कैंसर के इलाज में हम लगातार सीमाओं को तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं और हर मरीज को बेस्ट ट्रीटमेंट देते हुए कैंसर फ्री लाइफ देने की तरफ बढ़ रहे हैं.”

 

डॉक्टर भूषण ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक की उपलब्धता और पेशंट सेंट्रिक अप्रोच के साथ मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली में। धोरेसिक ऑन्को सर्जरी टीम डायनोज और एडवांस इलाज के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है. ने शानदार प्रदर्शन किया है. रोग के अर्ती

 

मैक्स इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर केयर वैशाली में स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नोलॉजी है, यहां रोबोटिक तकनीक जैसी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी भी है, साथ ही स्किल्ड डॉक्टरों की टीम कैंसर का इलाज करने के लिए उपलब्ध है. अस्पताल में बेहतर मेडिकल सुविधाओं के साथ ही समर्पित पेशंट केयर दी जाती है, जिससे कैंसर मरीजों के लिए बेहतर रिजल्ट आते हैं.

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