मोटापे की समस्या से परेशान लोगों के बेरिएट्रिक सर्जरी एक बेहतर विकल्प

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मोटापे की समस्या से परेशान लोगों के बेरिएट्रिक सर्जरी एक बेहतर विकल्प

गाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमलाई) में बुज रहे लोगों के लिए नैप्रोस्कोपिक स्लीव नेस्ट्रीक्टॉमी (एलएसजी) एक बेहतरीन प्रक्रिया साबित हुई है. इस एडवांस तकनीक से की जाने वाली बेरिएट्रिक प्रक्रियाओं के महत्व को उजागर करने के मकसद से मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटप (नई दिल्ली) के डॉक्टरों ने बाज एक जन जागरुकता सत्र का आयोजन किया।

 

इस सत्र का नेतृत्व पटपडगंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रोबोटिक एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर बाशीष गौतम ने किया, डॉक्टर गौतम ने 50 वर्षीय मरीज योगेश त्यागी के केस के बारे में जानकारी दी, जिनका बीएमआई 59 था, इम बीएमवाई के कारण योगेश त्यागी को ऑस्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया और ऑस्टियोवार्थराइटिस की समस्याएं हो रही थी, जिससे उनका

 

जीवन मुश्किल हो गया था.

 

नई दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रोबोटिक एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर आशीष गौतम ने केस की जानकारी देते हुए बताया, “मरीज योगेश को मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज में दोनों पुटनों में मोटापे,

 

ओएसए और ऑस्टियोनार्थराइटिस की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया था. हाई बीएमजाई को लंबे समय ने हृदय रोगों, डायबिटीज, मनीष एपनिया और पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस सहित अन्य विद्वते वी. सामान्य सीमा से अधिक बीएमआई वाले लोगों को इस तरह की समस्याएं होने का रिस्क ज्यादा रहता है जिससे उनकी कानिटी लाइफ पर असर पड़ता है. गहन जांच पड़ताल के बाद मरीज की नेप्रोस्कोपिक स्वीव वैस्ट्रेक्टोमी की सलाह दी गई. मरीज की सफलतापूर्वक गैस्ट्रेक्टोमी की गई और अब वो पूरी तरह से ठीक है. सर्जरी के

बाद उन्होंने अब तक 50 किलो वजन कम कर किया है.” नैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी एक मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें पेट के एक हिस्से को हटाया जाता है. इस सर्जरी से पेट का सादन कम हो जाता है. इस कमी से न केवल व्यक्ति की खाने की लिमिट कंट्रोल होती है बल्कि इसने हार्मोनल परिवर्तनों पर भी असर

पढ़ता है. जिनका वजन घटाने में अहम योगदान रहता है. इस प्रक्रिया की सफलता के चलते ये काफी पॉपुलर हो गई है.

डॉक्टर आशीष गौतम ने इन स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में बेरिएट्रिक सर्जरी के महत्व पर जोर दिया, योगेश त्यागी का मामला दिखाता है कि हाई बीएमआई बाने मरीजों पर मैप्रोस्कोपिक स्लीव गेस्ट्रोक्टॉमी काफी असरदार रहता है. यह प्रक्रिया न केवल वजन कम करने में महायता करती है, बल्कि संबंधित स्वास्थ्य परेशानियों को रोकने और मैनेज करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

जैप स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी सिर्फ उयादा बजन कम करने के लिए नहीं होती है. इससे व्यक्ति को फिर से हेल्थ प्राप्त करने में भी मदद मिलती है.

योगेश त्यागी की सफलता की कहानी इस प्रक्रिया की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्नाती है, जो हाई बीएमआई के स्वास्थ्य प्रभावों से जूज रहे व्यक्तियों को उम्मीद देती है.

हाई बीएमआई के भलते बोगेश त्यागी के लिए जो चुनौतियां बड़ी हो रही थी, उसके लिए पोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी की गई. वे सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिससे उनके समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ. सर्जरी के बाद योगेश त्यागी ने

बजन घटाने, घुटने के दर्द को कम करने और नींद के पैटर्न में सुधार का अनुभव किया, जो एक स्वस्थ जीवन शैली और सामाजिक जीवन का

आनंद लेने की दिशा में एक परिवर्तनकारी यात्रा को चिह्नित करता है.

बह मामला मोटापे से परेशान लोगों की समस्या दूर करने के लिए बेहतर इलाज की उम्मीद रखने वालों के एक अच्हा विकल्प है. बेरिएट्रिक सर्जरी स्वस्थ जीवन जीने का लक्ष्य रखने वाले लोगों के लिए उम्मीद की किरण का काम करती है.

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