मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज ने मेरठ में शुरू की कार्डियोलॉजी की ओपीडी, रीढ़ के मरीजों को मिलेगी राहत

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मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज ने मेरठ में शुरू की कार्डियोलॉजी की ओपीडी, रीढ़ के मरीजों को मिलेगी राहत

दिल्ली एनसीआर के लीडिंग अस्पतालों में शामिल मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटपड़गंज ने आज मेरठ स्थित मैक्स मेड सेंटर में मल्टी स्पेशलिटी ओपीडी सेवा शुरू की है. इस ओपीडी में अलग-अलग बीमारियों के मरीज दिखा सकेंगे, खासकर वैस्कुलर सर्जरी, न्यूरो व स्पाइनल सर्जरी और कार्डियोलॉजी के मरीज यहां आकर डॉक्टरों को दिखा सकेंगे. इस ओपीडी के शुरू होने से मेरठ व आसपास के क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें किसी समस्या की शुरुआत में ही डॉक्टर को दिखाने के लिए मेट्रो शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा.

ओपीडी लॉन्च के मौके पर मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर मौजूद रहे. मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में वैस्कुलर सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर संतोष तिवारी, ऑर्थो स्पाइन सर्जरी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर भूपेंद्र प्रताप भारती, कार्डियोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर परनीष अरोड़ा मौजूद रहे. इस ओपीडी का उद्देश्य मेडिकल विषयों के एक स्पेक्ट्रम में स्पेशल केयर मुहैया कराने लिए अच्छे डॉक्टरों और शानदार टेक्नोलॉजी को एक साथ लाकर हेल्थ केयर को फिर से परिभाषित करना है, जो बेहतर, हाई क्वालिटी वाली चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है.

ओपीडी लॉन्च के मौके पर मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में कार्डियोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर परनीष अरोड़ा ने कहा, ”इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में तकनीकी एडवांसमेंट में काफी अहम रोल अदा किया है. इससे न सिर्फ अच्छा इलाज मिलता है, बल्कि मरीज की क्वालिटी ऑफ लाइफ में इसका असर नजर आता है. शानदार तकनी और एक्सपर्टीज के साथ हमने जटिल से जटिल सर्जरी में भी 90 फीसदी का सक्सेस रेट हासिल किया है. मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में हम इंटरवेंशनल और मेडिकल मैनेजमेंट दोनों तरह के कॉम्प्लेक्स कार्डियक मामलों का इलाज करते हैं. अस्पताल में 24 घंटे कार्डियक से जुड़ी हेल्थ फैसिलिटी उपलब्ध रहती हैं जो इसे एक बेहतर कार्डियक सेंटर के रूप में स्थापित करता है.”

मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में वैस्कुलर सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर संतोष तिवारी ने कहा, ”जिन मामलों में पुरानी डायबिटीज डायबिटीक फुट का कारण बन जाती हो वैसे मामलों में जल्दी हस्तक्षेप काफी अहम होता है और इसके कारण विच्छेदन की जरूरत से बचा जा सकता है. जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है. वैरिकाज़ नसों से जुड़े मामलों में, रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन (आरएफए) और लेजर एब्लेशन (ईवीएलटी) जैसी नॉन-इनवेसिव प्रक्रियाएं मरीजों के इलाज के लिए लेटेस्ट और सबसे प्रभावी ट्रीटमेंट है.”

मैक्स पटपड़गंज में ऑर्थो स्पाइन सर्जरी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर भूपेंद्र प्रताप भारती ने कहा, ”रीढ़ की की-होल सर्जरी काफी सटीक और बेहतर होती है. मिनिमली इनवेसिव तकनीक की सहायता से हम अब रीढ़ के प्रभावित हिस्से को आसपास के टिशू को बिना नुकसान पहुंचाए ठीक करने में सक्षम हैं. इसका अच्छा नतीजा ये होता है कि ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है, अस्पताल में कम वक्त रहना पड़ता है और मरीज की तेजी से रिकवरी होती है. ये प्रक्रियाएं हमें शानदार सटीकता के साथ रीढ़ की हड्डी के मुश्किल मामलों को भी सही तरह से हैंडल करने में सक्षम बनाती हैं. एडवांस इमेजिंग तकनीक और विशेष उपकरणों की मदद से हम परेशानी की जड़ में जाते हुए रीढ़ की हड्डी को बेहद सटीकता के साथ नेविगेट कर पाते हैं. इससे मरीज को न केवल जल्दी आराम मिलता है बल्कि ओपन सर्जरी की तुलना में इस सर्जरी में जोखिम भी काफी कम रहते हैं.”

मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज की एडवांस तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का मैक्स मेड सेंटर मेरठ के जरिए मरीजों को काफी लाभ मिलेगा. मेरठ के लोग वैस्कुलर से लेकर कार्डियक से जुड़ी दिक्कतों में यहां आकर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखा सकेंगे.

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